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व्यापारी बैठे हैं

मत करना तू प्यार यहाँ
व्यापारी बैठे है....................
दिल का लगा बाज़ार यहाँ
व्यापारी बैठे है....................

रोज सबरे उठते-उठते
मंडी में दौड़ आते
देर रात तक ये सौदागर
समय यहाँ पर बिताते
रहना तू होशियार यहाँ
मदारी बैठे है............ 
मत करना तू प्यार यहाँ
व्यापारी बैठे है...............

दिल का सौदा झटकों में करते
जिस्म चंद रुपयों में बेचें
पाकर गाड़ी, मोटर, बंगला
सुख की परिभाषा खेंचे
हरदम रहना तैयार यहाँ
वो किये तैयारी बैठे हैं..
मत करना तू प्यार यहाँ
व्यापारी बैठे हैं...............

आज पहला, कल दूसरी
परसों तीसरी लाएँ
चमक-चमक कर, ऐंठ-ऐंठ कर
अपना रुत दिखलाए
पापी, लोभी, छली, कपटी सब
लिए लुकारी बैठे हैं.......
मत करना तू प्यार यहाँ
व्यापारी बैठे हैं..............

प्यार के पावन-पाक मतलब को
बदनाम इन्होंने कर डालें
शतरंज की चाल से ये खुद चलते
परेशान अपनों को कर डालें
इनके चंगुल से बचना
थामे हथियार ये बैठे हैं
मत करना तू प्यार यहाँ
व्यापारी बैठे हैं.............
दिल का लगा बाज़ार यहाँ
व्यापारी बैठे हैं.............
मत करना तू प्यार यहाँ
व्यापारी बैठे हैं..............

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